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श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय ने कर्मयोगी बीसी खण्डूड़ी को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

  • जननायक मेजर जनरल (से.नि.) भूवन चन्द खण्डूड़ी को एसजीआरआर परिवार का शत शत नमन

देहरादून: उत्तराखण्ड ने आज एक ऐसे महान सपूत को खो दिया, जिनका सम्पूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, अनुशासन, ईमानदारी और जनकल्याण के लिए समर्पित रहा। पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ राजनेता मेजर जनरल (से.नि.) भूवन चन्द्र खण्डूड़ी के निधन से सम्पूर्ण प्रदेश शोकाकुल है। उनका जाना उत्तराखण्ड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए अपूर्णीय क्षति है।

श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय परिवार ने मेजर जनरल भूवन चन्द्र खण्डूड़ी के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डाॅ) के. प्रतापन ने कहा कि मेजर जनरल खण्डूड़ी एक कर्मयोगी, दूरदर्शी एवं राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानने वाले जननेता थे। उनका व्यक्तित्व सादगी, अनुशासन और सेवा भाव का अद्भुत संगम था।

मेजर जनरल भूवन चन्द्र खण्डूड़ी का दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज से विशेष आत्मीय जुड़ाव था। वे समय-समय पर स्वयं श्री दरबार साहिब पधारकर व्यवस्थाओं की जानकारी लेते थे तथा यह सुनिश्चित करते थे कि जनहित एवं सेवा से जुड़े कार्य निर्बाध रूप से संचालित हों। उनकी संवेदनशीलता, सहजता और समाज के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा।श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय एवं एसजीआरआर एजुकेशन मिशन परिवार ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि मेजर जनरल खण्डूड़ी ने सदैव शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं सेवा कार्यों को प्रोत्साहित किया। वे एसजीआरआर ग्रुप के संस्थानों द्वारा समाजहित में किए जा रहे कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना करते थे। उनका मार्गदर्शन और स्नेह संस्थान परिवार के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।

मेजर जनरल भूवन चन्द्र खण्डूड़ी वर्ष 2007 में पहली बार उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री बने और मार्च 2007 से जून 2009 तक राज्य का नेतृत्व किया। इसके पश्चात वर्ष 2011 में उन्होंने पुनः मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। अपने कार्यकाल में उन्होंने पारदर्शिता, सुशासन और विकास को नई दिशा प्रदान की। वे एक अनुशासित सैनिक, कुशल प्रशासक और दूरदर्शी राजनेता के रूप में सदैव याद किए जाएंगे।

आज उनका जाना मानो उत्तराखण्ड की राजनीति और समाज जीवन के एक स्वर्णिम अध्याय का अवसान है। उनका प्रेरणादायी व्यक्तित्व, राष्ट्रभक्ति और जनसेवा का भाव सदैव नई पीढ़ियों का मार्गदर्शन करता रहेगा।

एसजीआरआर ग्रुप ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोक संतप्त परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता के साथ समस्त एसजीआरआर परिवार ने उन्हें शत-शत नमन किया।

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