खेलों में महिलाओं के लिए सुरक्षित, भेदभावमुक्त और समान अवसरों वाला माहौल बनाना जरूरी: विजया रहाटकर

- मातृत्व के कारण महिला खिलाड़ियों का करियर प्रभावित न हो, राष्ट्रीय परामर्श में उठी अहम मांग
- महिला खिलाड़ियों के समान वेतन और सुरक्षा पर जोर, तीन मंत्रालयों को भेजी जाएंगी सिफारिशें
- राष्ट्रीय महिला आयोग की बैठक में 16 खेल महासंघों सहित करीब 82 प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
नई दिल्ली: राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के सहयोग से मंगलवार को विज्ञान भवन में ‘खेल शक्ति: खेलों में महिलाओं पर राष्ट्रीय परामर्श—शासन, सुरक्षा और नीतिगत सुधार’ विषय पर बैठक आयोजित की। इसमें महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा, समान वेतन, करियर की निरंतरता और खेल प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई।
बैठक में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर, आयोग की सदस्य अर्चना मिश्रा और निवेदिता सुब्रमण्यम तथा सदस्य सचिव सुदीप जैन भी मौजूद रहे।
परामर्श में 16 खेल महासंघों के प्रतिनिधियों और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के अधिकारियों सहित करीब 82 हितधारकों ने भाग लिया। इनमें पैरालंपिक खिलाड़ी, पदक विजेता, पूर्व खिलाड़ी, प्रशिक्षक, खेल प्रशासक, चिकित्सा विशेषज्ञ और शिक्षाविद शामिल थे।
समान वेतन और मातृत्व के दौरान करियर सुरक्षा पर चर्चा
रक्षा खडसे ने खेल प्रतिभाओं को जमीनी स्तर से प्रोत्साहित करने और लड़कियों को बेहतर प्रशिक्षण, पोषण तथा खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने स्पोर्ट्स फीडर स्कूलों और ‘खेलो इंडिया’ जैसी पहलों के माध्यम से उभरती महिला खिलाड़ियों को अवसर देने की आवश्यकता बताई।
बैठक में महिला और पुरुष खिलाड़ियों के पारिश्रमिक में अंतर, अनुबंधों एवं पुरस्कार राशि में समानता तथा खेल महासंघों के निर्णयकारी पदों पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने के मुद्दे उठे। मातृत्व के दौरान महिला खिलाड़ियों को संस्थागत सहयोग देने और संभव होने पर उनकी रैंकिंग व प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति सुरक्षित रखने के उपायों पर भी विचार किया गया।
प्रतिभागियों ने खिलाड़ियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं, वित्तीय समानता और प्रशिक्षकों व सहयोगी कर्मचारियों को लैंगिक संवेदनशीलता के प्रति जागरूक बनाने की जरूरत बताई। साथ ही, नीतिगत सुधारों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संस्थागत जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
तीन मंत्रालयों को भेजी जाएंगी सिफारिशें
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि बैठक में सामने आए सुझावों को ठोस कार्रवाई में बदलना जरूरी है। उन्होंने बताया कि परामर्श से प्राप्त सिफारिशों को समेकित कर युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को विचार और आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा।
आयोग ने कहा कि उद्देश्य ऐसा खेल वातावरण तैयार करना है, जहां महिलाएं और लड़कियां बिना भय व भेदभाव के खेलों में भाग ले सकें, अपना करियर आगे बढ़ा सकें और नेतृत्वकारी भूमिकाओं में समान अवसर प्राप्त कर सकें।




