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SSC परीक्षा में हाईटेक नकल का खुलासा, पर्यवेक्षक गिरफ्तार

  • परीक्षा केंद्र के कंप्यूटरों का रिमोट एक्सेस उपलब्ध कराने में मदद का आरोप
  • नवंबर 2025 की परीक्षाओं से जुड़े मामले में भी वांछित था आरोपी

देहरादून: कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की ऑनलाइन परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल कराने के मामले में उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक और आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के मुगलसराय निवासी अंकित कुमार (22) के रूप में हुई है। एसटीएफ के अनुसार, आरोपी परीक्षा केंद्र पर पर्यवेक्षक के पद पर तैनात था और उसने कथित तौर पर कंप्यूटरों का रिमोट एक्सेस उपलब्ध कराने के लिए गिरोह के सदस्यों को आईपी एड्रेस भेजा था। इस मामले में अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
एसटीएफ के मुताबिक, फरवरी 2026 में कर्मचारी चयन आयोग की मल्टीटास्किंग (नॉन-टेक्निकल) स्टाफ (एमटीएस) और हवलदार पदों के लिए ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर नकल कराने के मामले में 14 फरवरी को देहरादून की कोतवाली नगर में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की संवेदनशीलता और तकनीकी पहलुओं को देखते हुए इसकी जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी।

परीक्षा केंद्र की जिम्मेदारी का उठाया कथित फायदा
जांच के दौरान एसटीएफ ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर गिरोह से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल की। इसी क्रम में अंकित कुमार को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। एसटीएफ के अनुसार, आरोपी की जिम्मेदारी परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों के पहचान पत्रों की जांच करना और नकल सहित अन्य अवांछनीय गतिविधियों पर नजर रखना था।
आरोप है कि अंकित ने अपनी जिम्मेदारी का दुरुपयोग करते हुए परीक्षा केंद्र में लगे कंप्यूटरों का रिमोट एक्सेस उपलब्ध कराने के लिए गिरोह के सदस्यों को आईपी एड्रेस भेजा था। इस तरीके से ऑनलाइन परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल में मदद किए जाने की आशंका है। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।
नवंबर 2025 की परीक्षाओं से जुड़े मामले में भी वांछित
एसटीएफ के मुताबिक, अंकित कुमार नवंबर 2025 में आयोजित एसएससी की अन्य परीक्षाओं में नकल से जुड़े एक मामले में भी वांछित था। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी बरामद मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरोह से जुड़े दूसरे लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

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