‘अवैध निर्माण से नागरिकों का नुकसान, नहीं बख्शे जाएंगे भू-माफिया’: बंशीधर तिवारी

- MDDA उपाध्यक्ष की दोटूक: नियमों की अनदेखी कर अवैध विकास किया तो होगी कठोर कार्रवाई
- अवैध निर्माण पर MDDA सख्त, 4 बीघा में फैली अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त, बहुमंजिला भवन सील
- देहरादून और ऋषिकेश में बिना स्वीकृति किए जा रहे विकास कार्यों पर सख्ती
- ‘अनधिकृत निर्माण भविष्य के लिए गंभीर खतरा’- बंशीधर तिवारी
देहरादून: अवैध प्लॉटिंग और बिना नक्शा पास कराए कराए जा रहे निर्माण कार्यों पर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्राधिकरण की टीम ने देहरादून के नवादा रोड पर बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग चार बीघा जमीन पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। MDDA ने साफ किया है कि नियमों की अनदेखी कर किए जा रहे किसी भी भू-विकास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मामला सोनिया विहार, नवादा रोड का है। यहाँ बृजेश कुमार, नीलकंठ जोशी, दमयन्ती कण्डवाल, गिरिजा सेमवाल, सुनीता भट्ट और सुरेन्द्र सिंह पंवार द्वारा बिना एमडीडीए से तलपट मानचित्र (Site Plan) स्वीकृत कराए ही लगभग 4 बीघा भूमि पर भू-विन्यास और डिमार्केशन (अंकन) का काम कराया जा रहा था।
स्थानीय स्तर पर जांच के दौरान जब अनधिकृत प्लॉटिंग की पुष्टि हुई, तो प्राधिकरण ने ‘उत्तराखण्ड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम, 1973 (संशोधित)’ के तहत मामला दर्ज किया। निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद MDDA की टीम ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर पूरी अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना पूर्व स्वीकृति के किसी भी प्रकार का भू-विकास या भवन निर्माण पूरी तरह गैर-कानूनी है। शहर में नियोजित विकास बनाए रखने के लिए इस तरह के अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे।
ऋषिकेश में बहुमंजिला अवैध भवन पर भी कार्रवाई
इसी क्रम में ऋषिकेश के नेगी मोहल्ला, गुमानीवाला क्षेत्र में भवन स्वामी भावेश जोशी द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के भूतल, प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ तल तक बहुमंजिला भवन का निर्माण कराया जा रहा था। प्राधिकरण द्वारा नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया, लेकिन संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं होने पर उत्तराखण्ड नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 (संशोधित) के तहत कार्रवाई करते हुए पूरे बहुमंजिला अवैध भवन को सील कर दिया गया।
एमडीडीए अधिकारियों ने बताया कि शहर में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने और आम नागरिकों को अवैध कॉलोनियों तथा अनधिकृत निर्माण से होने वाली समस्याओं से बचाने के लिए नियमित अभियान चलाया जा रहा है। प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड की खरीद अथवा भवन निर्माण से पहले संबंधित मानचित्र एवं स्वीकृतियों की जानकारी अवश्य प्राप्त करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में नियोजित एवं सुरक्षित शहरी विकास सुनिश्चित करना है। बिना स्वीकृति की प्लाटिंग और भवन निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि भविष्य में नागरिकों के लिए गंभीर समस्याएं भी पैदा करता है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को नियमों की अनदेखी कर अवैध विकास की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्राधिकरण लगातार निगरानी कर रहा है और जहां भी अनियमितताएं सामने आएंगी, वहां नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। नागरिक भी भवन निर्माण से पहले आवश्यक स्वीकृतियां अवश्य प्राप्त करें।
सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लाटिंग के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी संपत्ति की खरीद या निर्माण से पहले एमडीडीए से स्वीकृति की पुष्टि अवश्य करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में नियोजित एवं सुरक्षित शहरी विकास सुनिश्चित करना है। बिना स्वीकृति की प्लाटिंग और भवन निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि भविष्य में नागरिकों के लिए गंभीर समस्याएं भी पैदा करता है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को नियमों की अनदेखी कर अवैध विकास की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्राधिकरण लगातार निगरानी कर रहा है और जहां भी अनियमितताएं सामने आएंगी, वहां नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। नागरिक भी भवन निर्माण से पहले आवश्यक स्वीकृतियां अवश्य प्राप्त करें।



